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The Power of Awareness Summary: Neville Goddard Book in Hindi

Rishi K Sharma
July 26, 2026
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The Power of Awareness Summary: Neville Goddard Book in Hindi

The Power of Awareness Book Summary: क्या हमारी Reality हमारी Awareness से बनती है?

Author: Neville Goddard

Book: The Power of Awareness

Introduction: Why Is The Power of Awareness Still Relevant Today?

हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता, आत्मविश्वास और मानसिक शांति की तलाश करता है। लेकिन क्या इन सभी की शुरुआत केवल बाहरी परिस्थितियों से होती है, या फिर हमारे भीतर मौजूद सोच, विश्वास और आत्म-धारणा भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?

इन्हीं प्रश्नों पर आधारित है Neville Goddard की प्रसिद्ध पुस्तक The Power of Awareness।

यह पुस्तक केवल सकारात्मक सोच (Positive Thinking) की बात नहीं करती, बल्कि इस विचार को समझाने का प्रयास करती है कि हम अपने बारे में क्या मानते हैं, वह हमारी सोच, निर्णय लेने की क्षमता और व्यवहार को कैसे प्रभावित कर सकता है।

हालाँकि पुस्तक में प्रस्तुत कुछ विचार आध्यात्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण पर आधारित हैं, लेकिन इसका एक महत्वपूर्ण संदेश आज भी प्रासंगिक है—व्यक्ति की आंतरिक मानसिकता उसके जीवन की दिशा को प्रभावित कर सकती है।

यही कारण है कि The Power of Awareness आज भी Personal Growth, Self-Improvement और Mindset Development से जुड़ी चर्चित पुस्तकों में शामिल की जाती है।

What Does Neville Goddard Mean by Awareness?

इस पुस्तक में Awareness का अर्थ केवल जागरूक होना नहीं है।

Neville Goddard के अनुसार, Awareness उस पहचान (Identity) और विश्वास (Belief) से जुड़ी होती है जिसे कोई व्यक्ति अपने बारे में सच मान चुका होता है।

उदाहरण के लिए—

यदि कोई व्यक्ति बार-बार स्वयं को असफल मानता है, तो उसका आत्मविश्वास, निर्णय लेने का तरीका और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी उसी सोच से प्रभावित हो सकती है।

दूसरी ओर, यदि कोई व्यक्ति स्वयं को सीखने वाला, मेहनती और लगातार आगे बढ़ने वाला मानता है, तो वह कठिन परिस्थितियों में भी अवसर खोजने की संभावना अधिक रखता है।

आधुनिक मनोविज्ञान भी इस बात की ओर संकेत करता है कि व्यक्ति की Self-Belief और Self-Efficacy उसके व्यवहार और निर्णयों पर प्रभाव डाल सकती है। हालांकि, जीवन के परिणाम केवल मानसिकता से नहीं बल्कि मेहनत, कौशल, अवसर और परिस्थितियों से भी प्रभावित होते हैं।

Awareness Begins with Self-Observation

पुस्तक का एक महत्वपूर्ण संदेश यह है कि परिवर्तन की शुरुआत स्वयं को समझने से होती है।

अक्सर हम अपने विचारों पर ध्यान ही नहीं देते। कई बार हम वर्षों तक एक ही प्रकार की नकारात्मक धारणाओं के साथ जीते रहते हैं, जैसे—

मैं यह नहीं कर सकता।
मैं हमेशा असफल रहता हूँ।
लोग मुझे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

जब ऐसी धारणाएँ बार-बार दोहराई जाती हैं, तो वे धीरे-धीरे हमारी पहचान का हिस्सा बन सकती हैं।

इसीलिए Neville Goddard पाठकों को सबसे पहले अपनी मानसिक आदतों को पहचानने की सलाह देते हैं। जागरूकता का अर्थ केवल सकारात्मक सोचना नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि हमारे भीतर कौन-से विचार लगातार सक्रिय रहते हैं।

The Power of Assumption: हमारी धारणाएँ हमारे व्यवहार को कैसे प्रभावित करती हैं?

इस पुस्तक का सबसे चर्चित सिद्धांत Assumption है।

Neville Goddard का मानना था कि यदि कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य के अनुरूप मानसिक पहचान विकसित करता है, तो समय के साथ उसके निर्णय और व्यवहार भी उसी दिशा में बदलने लगते हैं।

सरल शब्दों में कहें तो—

यदि कोई छात्र स्वयं को अनुशासित विद्यार्थी मानना शुरू करता है, तो उसके नियमित पढ़ाई करने की संभावना बढ़ सकती है।

यदि कोई व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाला मानता है, तो वह भोजन, व्यायाम और दिनचर्या को लेकर बेहतर निर्णय ले सकता है।

यह विचार इस बात पर आधारित है कि हमारी पहचान (Identity) अक्सर हमारी आदतों (Habits) को प्रभावित करती है।

हालाँकि, यह समझना भी आवश्यक है कि केवल मानसिक कल्पना या विश्वास किसी लक्ष्य को स्वतः प्राप्त नहीं करा देता। वास्तविक परिणामों के लिए निरंतर अभ्यास, सही रणनीति, कौशल और मेहनत की आवश्यकता होती है।

Identity Shapes Habits

कई लोग लक्ष्य (Goal) पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन अपनी पहचान (Identity) पर नहीं।

मान लीजिए दो लोगों का लक्ष्य एक ही है—एक प्रतियोगी परीक्षा पास करना।

पहला व्यक्ति सोचता है—

मुझे किसी तरह परीक्षा पास करनी है।

दूसरा व्यक्ति सोचता है—

मैं एक अनुशासित विद्यार्थी हूँ, इसलिए रोज़ पढ़ना मेरी पहचान का हिस्सा है।

दोनों के लक्ष्य समान हैं, लेकिन उनकी मानसिक पहचान अलग है। यही अंतर धीरे-धीरे उनके दैनिक व्यवहार और आदतों में दिखाई दे सकता है।

इसी कारण पुस्तक बार-बार इस बात पर जोर देती है कि व्यक्ति केवल अपने लक्ष्य ही नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की भी कल्पना करे जो उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के योग्य बनने के लिए आवश्यक आदतें विकसित करता है।

A Balanced Perspective

The Power of Awareness को पढ़ते समय संतुलित दृष्टिकोण रखना महत्वपूर्ण है।

यह पुस्तक मानसिकता और आत्म-धारणा के महत्व को समझाने का प्रयास करती है, लेकिन इसे इस रूप में नहीं समझना चाहिए कि केवल सोचने से जीवन की हर समस्या हल हो जाएगी।

वास्तविक जीवन में सफलता कई कारकों का परिणाम होती है, जिनमें शामिल हैं—

  • निरंतर मेहनत
  • सही कौश
  • शिक्षा
  • अवसर
  • अनुशासन
  • धैर्य
  • बदलती परिस्थितियों के अनुसार सीखने की क्षमता

Imagination is not Escapism

Neville Goddard का मानना था कि कल्पना (Imagination) केवल दिवास्वप्न देखने का माध्यम नहीं है। उनके अनुसार, हर बड़ी उपलब्धि की शुरुआत एक विचार से होती है।

यदि हम अपने आसपास देखें, तो अधिकांश आविष्कार, व्यवसाय, पुस्तकें और कलात्मक रचनाएँ पहले किसी व्यक्ति की कल्पना में ही जन्मी थीं। वास्तविक दुनिया में आकार लेने से पहले वे केवल एक विचार थीं।

इसी कारण लेखक कल्पना को एक रचनात्मक शक्ति (Creative Faculty) मानते हैं।

हालाँकि, इस विचार को व्यवहारिक दृष्टि से समझना भी आवश्यक है।

केवल किसी लक्ष्य की कल्पना करना सफलता की गारंटी नहीं है। कल्पना तब सबसे अधिक उपयोगी होती है जब वह व्यक्ति को स्पष्ट दिशा, प्रेरणा और कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करे।

उदाहरण के लिए, यदि कोई उद्यमी अपने सफल व्यवसाय की कल्पना करता है, तो वह उसे बेहतर योजना बनाने, नई रणनीतियाँ सोचने और लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित कर सकती है। लेकिन व्यवसाय की सफलता अंततः बाज़ार, कौशल, निर्णय और मेहनत पर भी निर्भर करेगी।

इस प्रकार, The Power of Awareness कल्पना को वास्तविकता से भागने का माध्यम नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण कार्यों की मानसिक शुरुआत के रूप में प्रस्तुत करती है।

Self-Concept: The Most Important Lesson of the Book

यदि इस पूरी पुस्तक का सबसे महत्वपूर्ण विचार चुना जाए, तो वह Self-Concept है।

Self-Concept का अर्थ है—आप अपने बारे में क्या मानते हैं।

हम सभी के भीतर अपने बारे में कुछ धारणाएँ होती हैं।

कुछ लोग स्वयं को सक्षम मानते हैं।

कुछ स्वयं को भाग्यहीन समझते हैं।

कुछ लोग स्वयं को सीखने वाला व्यक्ति मानते हैं, जबकि कुछ छोटी-सी असफलता के बाद अपनी पूरी क्षमता पर संदेह करने लगते हैं।

Neville Goddard का तर्क है कि यही आंतरिक पहचान धीरे-धीरे हमारे निर्णयों और व्यवहार को प्रभावित करती है।

यदि कोई व्यक्ति बार-बार स्वयं को असफल मानता है, तो वह नए अवसरों से बच सकता है, जोखिम लेने से डर सकता है या चुनौतियों का सामना करने से पहले ही हार मान सकता है।

इसके विपरीत, यदि कोई व्यक्ति स्वयं को लगातार सीखने वाला और सुधार करने वाला मानता है, तो असफलता उसके लिए अंत नहीं बल्कि सीखने का अवसर बन सकती है।

आधुनिक मनोविज्ञान में भी Growth Mindset और Self-Efficacy जैसे सिद्धांत इस बात की ओर संकेत करते हैं कि व्यक्ति की स्वयं के प्रति धारणा उसके प्रयासों और व्यवहार को प्रभावित कर सकती है।

इसलिए पुस्तक का सबसे व्यावहारिक संदेश यह है कि यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन चाहते हैं, तो केवल लक्ष्य बदलना पर्याप्त नहीं है। कई बार अपनी आत्म-धारणा को भी बदलने की आवश्यकता होती है।

Why Self-Concept Matters in Everyday Life

Self-Concept केवल करियर या सफलता तक सीमित नहीं है।

यह हमारे जीवन के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।

उदाहरण के लिए—

यदि कोई व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ जीवन जीने वाला मानता है, तो उसके नियमित व्यायाम करने की संभावना बढ़ सकती है।
यदि कोई स्वयं को अनुशासित विद्यार्थी मानता है, तो पढ़ाई उसके लिए मजबूरी नहीं बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बन सकती है।
यदि कोई स्वयं को जिम्मेदार व्यक्ति मानता है, तो उसके निर्णयों में भी यह पहचान दिखाई दे सकती है।

यानी हमारी पहचान अक्सर हमारी आदतों को दिशा देती है।

The Power of Awareness and Indian Wisdom

भारतीय पाठकों के लिए इस पुस्तक का एक रोचक पक्ष यह है कि इसके कुछ विचार भारतीय दर्शन की कई पारंपरिक अवधारणाओं से मिलते-जुलते प्रतीत होते हैं।

भारत की योग और ध्यान परंपरा सदियों से यह सिखाती रही है कि मन की अवस्था व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है।

योग दर्शन में चित्त, ध्यान, आत्म-अवलोकन और संयम जैसे सिद्धांतों पर विशेष बल दिया गया है।

दूसरी ओर, Neville Goddard Awareness, Identity और Inner State की बात करते हैं।

दोनों परंपराओं की भाषा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि अलग है, लेकिन दोनों ही व्यक्ति के भीतर होने वाले परिवर्तन के महत्व को स्वीकार करती हैं।

हालाँकि यह कहना उचित नहीं होगा कि दोनों विचारधाराएँ पूरी तरह समान हैं। Neville Goddard का दृष्टिकोण मुख्यतः आध्यात्मिक और दार्शनिक है, जबकि भारतीय दर्शन कई अलग-अलग परंपराओं और ग्रंथों पर आधारित व्यापक विषय है।

फिर भी, दोनों में एक समान संदेश दिखाई देता है—

बाहरी परिवर्तन की शुरुआत अक्सर भीतर की जागरूकता से होती है।

Inner Awareness Before Outer Achievement

आज की तेज़ जीवनशैली में अधिकांश लोग अपना ध्यान केवल बाहरी उपलब्धियों पर केंद्रित रखते हैं।

बेहतर नौकरी।

अधिक आय।

नई कार।

बड़ा घर।

लेकिन बहुत कम लोग यह प्रश्न पूछते हैं—

क्या मेरी मानसिक स्थिति उन लक्ष्यों के अनुरूप है जिन्हें मैं प्राप्त करना चाहता हूँ?

यही प्रश्न The Power of Awareness पाठकों के सामने रखती है।

पुस्तक यह सुझाव देती है कि यदि व्यक्ति अपनी सोच, आत्म-धारणा और मानसिक आदतों को समझना शुरू करे, तो वह अधिक जागरूक निर्णय ले सकता है।

यह दृष्टिकोण केवल सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्म-विकास (Self-Development) की दिशा में भी उपयोगी हो सकता है।

Key Insight from This Section

इस भाग का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह है कि—

कल्पना (Imagination) दिशा देती है।

Self-Concept व्यवहार को प्रभावित करता है।

Awareness व्यक्ति को स्वयं को समझने का अवसर देती है।

लेकिन इन तीनों का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब इनके साथ निरंतर सीखना, अनुशासन और व्यवहारिक प्रयास भी जुड़े हों।

Awareness, Meditation and Mental Clarity

Neville Goddard की शिक्षाओं को जब भारतीय संदर्भ में देखा जाता है, तो ध्यान (Meditation) का महत्व और स्पष्ट हो जाता है। हालाँकि उनकी पुस्तक ध्यान की विस्तृत तकनीकों पर केंद्रित नहीं है, लेकिन Awareness की अवधारणा ध्यान की प्रक्रिया से काफी हद तक जुड़ी हुई महसूस होती है।

ध्यान का उद्देश्य केवल मन को शांत करना नहीं है। यह व्यक्ति को अपने विचारों, भावनाओं और मानसिक प्रतिक्रियाओं को बिना किसी निर्णय के देखने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।

जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से अपने विचारों का अवलोकन करता है, तो उसे यह समझने में आसानी होती है कि कौन-सी मान्यताएँ उसे आगे बढ़ा रही हैं और कौन-सी उसे रोक रही हैं।

यही Awareness का पहला चरण है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति के मन में बार-बार यह विचार आता है कि मैं सफल नहीं हो सकता, तो ध्यान के माध्यम से वह इस विचार को पहचान सकता है। इसके बाद वह धीरे-धीरे अधिक यथार्थवादी और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास कर सकता है।

आधुनिक शोध भी यह संकेत देते हैं कि नियमित Meditation तनाव कम करने, ध्यान केंद्रित करने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकती है। हालाँकि इसके प्रभाव व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करते हैं।

इस प्रकार, Meditation और Awareness को एक साथ देखा जाए, तो दोनों का उद्देश्य व्यक्ति को अपनी मानसिक दुनिया के प्रति अधिक सजग बनाना है।

Awareness Alone Is Not Enough

इस पुस्तक को पढ़ते समय एक महत्वपूर्ण बात समझनी चाहिए।

केवल अपने विचारों को पहचान लेना या सकारात्मक कल्पना करना पर्याप्त नहीं होता।

यदि हमारी सोच कुछ और कहती है, लेकिन हमारी आदतें और कर्म बिल्कुल विपरीत दिशा में चलते हैं, तो वास्तविक परिवर्तन कठिन हो सकता है।

मान लीजिए कोई व्यक्ति स्वयं को फिट और स्वस्थ मानना चाहता है, लेकिन उसकी दिनचर्या में न तो व्यायाम है और न ही संतुलित भोजन।

ऐसी स्थिति में केवल मानसिक कल्पना से अपेक्षित परिणाम मिलना कठिन होगा।

यहीं से Awareness का अगला चरण शुरू होता है—

Action

Awareness हमें दिशा दिखाती है।

लेकिन उस दिशा में लगातार चलना हमारे व्यवहार और अनुशासन पर निर्भर करता है।

Self-Discipline: The Missing Link

यदि इस पुस्तक के विचारों को व्यवहारिक जीवन में लागू करना हो, तो Self-Discipline सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन जाता है।

भारतीय परंपरा में आत्म-अनुशासन को केवल नियमों का पालन करना नहीं माना गया, बल्कि इसे मन और इंद्रियों पर नियंत्रण विकसित करने का माध्यम समझा गया है।

योग, नियमित दिनचर्या, संयम, ध्यान और सतत अभ्यास जैसे सिद्धांत इसी उद्देश्य को पूरा करने का प्रयास करते हैं।

Neville Goddard भी इस बात पर जोर देते हैं कि व्यक्ति अपनी मानसिक पहचान को बदलने का प्रयास करे।

लेकिन नई पहचान तभी मजबूत होती है, जब उसके अनुरूप छोटे-छोटे दैनिक कार्य लगातार किए जाएँ।

उदाहरण के लिए—

यदि कोई स्वयं को एक अच्छा लेखक मानना चाहता है, तो केवल यह विश्वास पर्याप्त नहीं होगा। उसे नियमित रूप से लिखने की आदत भी विकसित करनी होगी।

यदि कोई स्वयं को स्वस्थ व्यक्ति मानता है, तो उसे अपने भोजन, नींद और व्यायाम में भी उसी पहचान को दिखाई देना चाहिए।

यानी Self-Concept और Self-Discipline एक-दूसरे के पूरक हैं।

Small Daily Habits Create Long-Term Change

अक्सर लोग जीवन बदलने के लिए किसी बड़े अवसर का इंतजार करते हैं।

लेकिन वास्तविक परिवर्तन अधिकतर छोटे-छोटे दैनिक निर्णयों से शुरू होता है।

हर दिन 30 मिनट पढ़ना।

हर सुबह समय पर उठना।

मोबाइल पर कम समय बिताना।

प्रतिदिन कुछ मिनट ध्यान करना।

एक नया कौशल सीखना।

इन आदतों का प्रभाव तुरंत दिखाई नहीं देता, लेकिन समय के साथ यही छोटे प्रयास बड़े परिणामों में बदल सकते हैं।

यही कारण है कि Awareness को केवल मानसिक अभ्यास नहीं बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

Lessons for Students

यदि कोई छात्र इस पुस्तक को पढ़ता है, तो उसे केवल प्रेरणादायक विचार ही नहीं बल्कि अपनी मानसिकता पर काम करने की प्रेरणा भी मिल सकती है।

अक्सर परीक्षा से पहले ही कई विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि वे कठिन विषय नहीं समझ पाएँगे।

कुछ छात्र एक-दो असफलताओं के बाद अपनी क्षमता पर संदेह करने लगते हैं।

ऐसी स्थिति में Neville Goddard का संदेश उपयोगी हो सकता है।

वे सुझाव देते हैं कि व्यक्ति स्वयं को स्थायी रूप से असफल मानने के बजाय एक ऐसा इंसान माने जो लगातार सीख सकता है और बेहतर बन सकता है।

लेकिन इसके साथ पढ़ाई की नियमित योजना, अभ्यास, समय प्रबंधन और पुनरावृत्ति भी उतनी ही आवश्यक है।

आत्मविश्वास और मेहनत जब साथ चलते हैं, तभी बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है।

Practical Lessons Anyone Can Apply

इस पुस्तक से हर व्यक्ति कुछ सरल लेकिन उपयोगी बातें सीख सकता है—

  • अपनी नकारात्मक मान्यताओं को पहचानें।
  • अपने बारे में अधिक संतुलित और यथार्थवादी दृष्टिकोण विकसित करें।
  • कल्पना का उपयोग प्रेरणा के लिए करें, वास्तविकता से भागने के लिए नहीं।
  • छोटे-छोटे दैनिक अनुशासन विकसित करें।
  • परिणामों से अधिक अपनी आदतों पर ध्यान दें।
  • लगातार सीखने की मानसिकता बनाए रखें।

ये सिद्धांत किसी भी क्षेत्र—पढ़ाई, करियर, व्यवसाय या व्यक्तिगत जीवन—में उपयोगी हो सकते हैं।

Strengths of The Power of Awareness

इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरल भाषा और स्पष्ट संदेश है।

Neville Goddard जटिल दार्शनिक शब्दों की बजाय ऐसे उदाहरणों का उपयोग करते हैं जिन्हें सामान्य पाठक भी आसानी से समझ सकता है।

पुस्तक पाठकों को यह सोचने पर मजबूर करती है कि वे अपने बारे में क्या मानते हैं और उनकी वर्तमान मानसिक आदतें उनके निर्णयों को किस प्रकार प्रभावित कर रही हैं।

यद्यपि पुस्तक के सभी विचारों को वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जा सकता, फिर भी यह आत्म-चिंतन (Self-Reflection), आत्मविश्वास और व्यक्तिगत विकास के लिए प्रेरणा देने वाली पुस्तकों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

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Frequently Asked Questions

The Power of Awareness is a personal development book that explains how a person's self-concept, beliefs, assumptions, and awareness influence thoughts, decisions, habits, and life direction. It encourages readers to develop a positive inner identity while taking practical action.
According to Neville Goddard, Awareness is not simply being conscious of your surroundings. It refers to the identity and beliefs you consistently accept as true about yourself, which gradually shape your behavior and experiences.
The Law of Assumption suggests that when people consistently adopt the mindset of already becoming the person they wish to be, their choices and actions naturally begin moving toward that identity. It should be understood as a mindset principle rather than a guaranteed shortcut to success.
The book mainly presents Neville Goddard's philosophical and spiritual ideas. Modern psychology supports concepts like self-belief, mindset, and self-efficacy influencing behavior, but many of the book's broader metaphysical claims are not scientifically established.
Meditation helps people observe their thoughts and develop greater mental clarity. This complements Neville Goddard's emphasis on becoming aware of one's inner beliefs and consciously shaping a healthier self-concept.
Yes. Students can benefit from the book because it encourages developing confidence, discipline, and a growth-oriented mindset. However, academic success also requires regular study, practice, and consistent effort.
The central lesson is that your self-concept influences your decisions, habits, and outlook on life. Improving how you see yourself can support positive behavioral changes over time.
No. While the book strongly emphasizes inner awareness and assumptions, a balanced interpretation is that meaningful results usually require awareness along with disciplined action, learning, persistence, and favorable opportunities.
Many readers notice similarities between Neville Goddard's ideas and Indian traditions such as yoga, meditation, and self-discipline, which also emphasize inner transformation. However, the concepts come from different historical and philosophical backgrounds.
If you're interested in mindset, personal growth, self-improvement, and understanding how beliefs influence behavior, The Power of Awareness is a valuable and thought-provoking book. Reading it with a balanced, practical perspective makes it even more useful.
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Ayurved & Lifestyle Educator · 15+ Years Experience

Rishi K Sharma is a highly experienced Ayurved & Lifestyle Educator. He focuses on transforming your complete lifestyle through natural, practical Ayurvedic approaches that have helped 10,000+ patients achieve lasting wellness.