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आयरन की कमी और हीमोग्लोबिन कैसे बढ़ाएं - Complete Guide

Rishi K Sharma
August 01, 2026
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आयरन की कमी और हीमोग्लोबिन कैसे बढ़ाएं - Complete Guide

आयरन की कमी और हीमोग्लोबिन कैसे बढ़ाएं?

शरीर में आयरन की कमी होना आजकल बहुत आम बात हो गई है, खासकर महिलाओं में। ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनकी थकान, चक्कर आना या कमजोरी असल में आयरन की कमी की वजह से हो रही है। यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है, अचानक नहीं आती — शरीर पहले से ही कई तरह के संकेत (Signals) देना शुरू कर देता है, बस हमें उन्हें पहचानना आना चाहिए।

एनीमिया तब होता है जब शरीर में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पातीं, जो शरीर के हर हिस्से यानी ऊतकों (Tissues) तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं। इन्हीं लाल रक्त कोशिकाओं के अंदर हीमोग्लोबिन नाम का एक आयरन-युक्त प्रोटीन होता है, जो असल में ऑक्सीजन को शरीर के कोने-कोने तक ले जाने का जिम्मा उठाता है। जब आयरन कम पड़ जाता है, तो हीमोग्लोबिन भी कम बनता है और नतीजा — शरीर को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे थकान और सुस्ती बनी रहती है।

आयरन की कमी के लक्षण — अपने शरीर को सुनना सीखें

कुछ लक्षण तो बहुत आम हैं और लगभग हर किसी को पता होते हैं, जैसे:

  • लगातार थकान (Tiredness) और कमजोरी महसूस होना
  • अचानक चक्कर आना
  • थोड़ा सा चलने पर भी सांस फूलना
  • चेहरे और त्वचा का पीलापन दिखना
  • हाथ-पैरों का हमेशा ठंडा रहना
  • बार-बार सिरदर्द होना
  • दिल की धड़कन का अनियमित हो जाना
  • नाखूनों का कमजोर होकर टूटना या भंगुर हो जाना

लेकिन इसके अलावा कुछ ऐसे अजीबोगरीब लक्षण भी होते हैं, जिन्हें लोग अक्सर पहचान ही नहीं पाते और आयरन की कमी से जोड़कर देखते ही नहीं:

  • जीभ में सूजन आना
  • पिका यानी मिट्टी, बर्फ या ऐसी ही गैर-खाद्य चीजें खाने की अजीब इच्छा (Craving) होना
  • रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम — यानी पैरों में एक अजीब सी बेचैनी महसूस होना, खासकर रात में
  • बालों का बेवजह झड़ना
  • टिनिटस — यानी कानों में हल्की सीटी जैसी आवाज सुनाई देना

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण लगातार महसूस हो रहा है, तो इसे हल्के में मत लीजिए। एक बार डॉक्टर से जांच करवा लेना ही समझदारी है, क्योंकि सही डाइट के साथ-साथ कई बार आयरन सप्लीमेंट की जरूरत भी पड़ सकती है।

रोजाना कितना आयरन चाहिए शरीर को?

जिन लोगों को एनीमिया है, उन्हें आमतौर पर डॉक्टर रोजाना 100 से 200 मिलीग्राम आयरन लेने की सलाह देते हैं। यह मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि सिर्फ रोज के खाने या आम मल्टीविटामिन से पूरी नहीं हो पाती। इसीलिए डॉक्टर अक्सर आयरन सप्लीमेंट या एलिमेंटल आयरन लिखते हैं, ताकि जल्दी और असरदार तरीके से आयरन का स्तर सुधारा जा सके।

लेकिन इसके साथ-साथ अपने रोजमर्रा के खाने में आयरन से भरपूर चीजों को शामिल करना भी उतना ही जरूरी है — दवा और डाइट, दोनों साथ चलनी चाहिए।

एक बात याद रखें: कोई भी सप्लीमेंट खुद से शुरू मत कीजिए। जरूरत से ज्यादा आयरन लेना भी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आयरन की कमी के आम कारण

  • खान-पान का सही न होना — यानी डाइट में आयरन-युक्त चीजों की कमी
  • महिलाओं में भारी मासिक धर्म, जिससे काफी खून की हानि होती है
  • शरीर में विटामिन C का कम होना, जो आयरन को सोखने में मदद करता है
  • पाचन से जुड़ी दिक्कतें, जिनकी वजह से आंतें आयरन को सही से सोख नहीं पातीं
  • किसी चोट, सर्जरी या और किसी वजह से ज्यादा खून बहना
  • गर्भावस्था के दौरान शरीर को आयरन की ज्यादा जरूरत होना

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए कौन-कौन से पेय पदार्थ फायदेमंद हैं

अगर आप सुबह की शुरुआत ही एक गिलास आयरन-युक्त जूस से करें, तो दिनभर की थकान और कम ऊर्जा से लड़ने में काफी मदद मिलती है। हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़ और खजूर जैसी रोजमर्रा की चीजें आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं, और इन्हीं को अलग-अलग तरीकों से स्वादिष्ट पेय पदार्थों में बदला जा सकता है।

आयरन से भरपूर पेय पदार्थ

पेय आयरन का लाभ अतिरिक्त पोषक तत्व
चुकंदर का जूस (Beetroot Juice) हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक फोलेट, विटामिन C
आलूबुखारे का जूस (Prune Juice) पौधे-आधारित आयरन (Non-Heme Iron) फाइबर
पालक स्मूदी (Spinach Smoothie) नॉन-हीम आयरन से भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants)
तिल की स्मूदी (Sesame Smoothie) आयरन-युक्त बीज जिंक, कॉपर

चुकंदर का जूस

चुकंदर में फोलेट, मैंगनीज, पोटैशियम, आयरन, बीटाइन और विटामिन C जैसे कई जरूरी खनिज (Minerals) पाए जाते हैं। यह जूस लिवर को शरीर के अंदर मौजूद विषाक्त पदार्थों (Toxins) से छुटकारा दिलाने में मदद करता है, और साथ ही लाल रक्त कोशिकाओं को ऑक्सीजन का ज्यादा बेहतर इस्तेमाल करने में सक्षम बनाता है।

100 ग्राम चुकंदर में लगभग 0.8 मिलीग्राम आयरन मौजूद होता है। स्वाद और पोषण दोनों बढ़ाने के लिए इसमें गाजर, संतरा या आंवला मिलाया जा सकता है।

आलूबुखारे यानी प्रून का जूस

आलूबुखारा दरअसल सूखा हुआ प्लम होता है, और यह पौधे-आधारित आयरन का एक शानदार स्रोत है। एक कप यानी लगभग 240 मिली प्रून जूस में करीब 1.18 मिलीग्राम आयरन होता है, जो हमारी रोजाना की जरूरत का लगभग 17% पूरा कर देता है। खास बात यह है कि यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता, और साथ ही यह कब्ज जैसी पाचन समस्याओं में भी राहत देता है।

मटर प्रोटीन शेक

आमतौर पर लोग व्हे प्रोटीन ही जानते हैं, लेकिन मटर प्रोटीन में उससे कहीं ज्यादा आयरन होता है। सिर्फ 20 ग्राम ऑर्गेनिक येलो पी प्रोटीन से रोजाना की आयरन जरूरत का लगभग 30% पूरा हो जाता है, जबकि उतनी ही मात्रा के व्हे प्रोटीन से सिर्फ 13% ही मिलता है। इसे शेक या स्मूदी में मिलाकर लिया जा सकता है, लेकिन कोशिश करें कि बिना मीठा या फ्लेवर वाला वर्ज़न ही चुनें, ताकि फालतू की कैलोरी न बढ़े।

पालक, काजू, रास्पबेरी और नारियल की स्मूदी

यह स्मूदी नॉन-हीम यानी पौधे-आधारित आयरन से भरपूर होती है। सिर्फ दो बड़े चम्मच यानी 32 ग्राम काजू बटर से रोजाना की जरूरत का 11% आयरन मिल जाता है। वहीं एक कप यानी 140 ग्राम फ्रोज़न रास्पबेरी से 6% आयरन मिलता है। पालक भी अपने आप में आयरन के सबसे बेहतरीन स्रोतों में गिना जाता है, इसलिए यह स्मूदी एक साथ कई फायदे देती है।

अलसी और तिल की स्मूदी

अलसी के बीज सदियों से अपने स्वास्थ्य लाभों के लिए जाने जाते हैं। ये सिर्फ आयरन और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में ही मदद नहीं करते, बल्कि लगातार इस्तेमाल से हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। वहीं तिल के बीज अपने नटी स्वाद के साथ-साथ भरपूर आयरन भी देते हैं — करीब 1.31 मिलीग्राम प्रति चम्मच। साथ ही इनमें कॉपर, जिंक, विटामिन E और फॉस्फोरस भी मौजूद होता है।

शहतूत यानी मलबेरी स्मूदी

शहतूत आयरन और विटामिन C दोनों का बेहतरीन मेल है। एक कप शहतूत के अर्क (Extract) में लगभग 2.59 मिलीग्राम आयरन और 51 मिलीग्राम विटामिन C होता है, और यह दोनों साथ मिलकर आयरन के अवशोषण को और बेहतर बना देते हैं। अगर बाजार में शहतूत आसानी से न मिले, तो ग्रीक योगर्ट, दूध, ओट्स, चिया सीड्स और शहतूत को मिलाकर भी यह पौष्टिक स्मूदी घर पर बनाई जा सकती है।

आयरन-युक्त पेय लेते समय किन बातों का ध्यान रखें

  • चाय और कॉफी से परहेज करें: इनमें मौजूद टैनिन आयरन के अवशोषण में रुकावट डालते हैं, इसलिए आयरन-युक्त भोजन के साथ इन्हें बिल्कुल न लें
  • कैल्शियम ज्यादा न लें: शरीर में जरूरत से ज्यादा कैल्शियम भी आयरन सोखने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, इसलिए आयरन-युक्त भोजन के साथ डेयरी उत्पादों से बचें
  • हीम और नॉन-हीम आयरन को मिलाकर लें: बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, मोरिंगा पत्ते, बादाम और तिल जैसे पौधे-आधारित स्रोतों को मांस, मछली और पोल्ट्री जैसे स्रोतों के साथ मिलाकर लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है
  • विटामिन C जरूर शामिल करें: संतरा, अनानास, ब्रोकली, आंवला, नींबू और स्ट्रॉबेरी जैसी चीजें साथ में लेने से आयरन का अवशोषण काफी बेहतर हो जाता है

आयरन-युक्त पेय पीने का सही समय क्या है?

सबसे अच्छा समय है — सुबह खाली पेट, नाश्ते से करीब 30 से 60 मिनट पहले। इस दौरान पेट पूरी तरह खाली होता है, तो आयरन का अवशोषण 40% से 50% तक बेहतर हो जाता है। इसकी वजह यह है कि खाली पेट में मौजूद एसिड आयरन को तोड़ने और सोखने में सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है। अगर इसके साथ विटामिन C भी लिया जाए, तो असर और भी बेहतर हो जाता है।

 Causes of Iron Deficiency (Helpful Article)

Women with heavy or irregular periods are at higher risk of iron deficiency because regular blood loss can gradually reduce iron stores. Read our detailed guide on Can Iron Deficiency Cause Irregular Periods?

आखिर में एक बात

आयरन की कमी के लक्षणों को अगर समय रहते नजरअंदाज कर दिया जाए, तो यह आगे चलकर एनीमिया जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। रोज एक गोली खाना कई लोगों को उबाऊ लगता है, और अच्छी बात यह है कि इसका एक स्वादिष्ट विकल्प भी मौजूद है — ऊपर बताए गए ये आयरन-युक्त पेय पदार्थ।

बस एक बात का ध्यान रखें — शराब, कॉफी और काली या हर्बल चाय से जितना हो सके दूरी बनाए रखें, क्योंकि इनमें मौजूद पौधे-आधारित तत्व आयरन के अवशोषण में रुकावट डाल सकते हैं।

अगर आपको बिना किसी वजह लगातार थकान महसूस हो रही है, तो यह संकेत नजरअंदाज मत कीजिए। एक बार जांच करवाइए, और अपनी डाइट में इन आयरन-युक्त चीजों को शामिल कर लीजिए। सही खान-पान बहुत कुछ ठीक कर सकता है, लेकिन सही जांच और इलाज के लिए डॉक्टर से मिलना कभी मत छोड़िए। जो लोग एनीमिया के मरीज नहीं भी हैं, या हल्की-फुल्की कमी की सीमा पर हैं, उनके लिए भी यह आदत एक अच्छी एहतियाती कदम साबित हो सकती है।

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Frequently Asked Questions

थकान, चक्कर आना, सांस फूलना, त्वचा का पीलापन, हाथ-पैर ठंडे रहना और बार-बार सिरदर्द होना हीमोग्लोबिन कम होने के मुख्य लक्षण हैं।
चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए सबसे असरदार माना जाता है, क्योंकि इसमें आयरन के साथ-साथ फोलेट और विटामिन C भी होता है।
एनीमिया से जूझ रहे लोगों को आमतौर पर 100–200 मिलीग्राम आयरन प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन सही मात्रा डॉक्टर से जांच के बाद ही तय करनी चाहिए।
खराब खान-पान, भारी मासिक धर्म, विटामिन C की कमी, पाचन संबंधी समस्याएं, अत्यधिक रक्तस्राव और गर्भावस्था आयरन की कमी के मुख्य कारण हैं।
सुबह खाली पेट, नाश्ते से 30–60 मिनट पहले आयरन युक्त पेय पीना सबसे फायदेमंद रहता है, क्योंकि इस समय अवशोषण सबसे बेहतर होता है।
चाय और कॉफी में मौजूद टैनिन आयरन के अवशोषण को रोकते हैं, इसलिए आयरन-युक्त भोजन के साथ इन्हें लेने से बचना चाहिए।
विटामिन C आयरन को शरीर में सोखने की क्षमता बढ़ा देता है, इसलिए संतरा, आंवला या नींबू जैसी चीजें आयरन-युक्त भोजन के साथ लेना फायदेमंद होता है।
हां, प्रून जूस ब्लड शुगर में अचानक उछाल नहीं लाता, इसलिए यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है।
जीभ में सूजन, पिका (मिट्टी या बर्फ खाने की इच्छा), रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम, बालों का झड़ना और टिनिटस जैसे लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।
हल्की कमी में डाइट से काफी मदद मिलती है, लेकिन गंभीर एनीमिया में डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लेना जरूरी हो सकता है।
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Rishi K Sharma
Rishi K Sharma
Ayurved & Lifestyle Educator · 15+ Years Experience

Rishi K Sharma is a highly experienced Ayurved & Lifestyle Educator. He focuses on transforming your complete lifestyle through natural, practical Ayurvedic approaches that have helped 10,000+ patients achieve lasting wellness.